महेशभाई परमार को “शतसुभाषित पंडित” सम्मान, आनंद पुलिस का गौरव
नायब पुलिस अधीक्षक श्री जे. एन. पंचाल साहब की कचहरी, आनंद में कार्यरत एएसआई महेशभाई गोरधनभाई परमार को गुजरात राज्य सरकार द्वारा “शतसुभाषित पंडित” की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया गया है। उनकी यह उपलब्धि आनंद जिला तथा पुलिस विभाग के लिए गर्व का विषय बनी है।
गुजरात राज्य संस्कृत बोर्ड द्वारा इस वर्ष संस्कृत भाषा के संवर्धन हेतु योजनापंचकम के अंतर्गत शतसुभाषित कंठपाठ योजना का आयोजन किया गया था। इस प्रतियोगिता में पूरे गुजरात से कुल 209 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से राज्य स्तर पर केवल 57 प्रतिभागियों का चयन किया गया। विशेष बात यह है कि पूरे गुजरात पुलिस विभाग और आनंद जिले से “शतसुभाषित पंडित” की गौरवशाली उपाधि प्राप्त करने वाले महेशभाई पहले व्यक्ति हैं, जो जिले के लिए गर्व का क्षण है।
इस सम्मान समारोह में राज्य के शिक्षामंत्री श्री प्रद्युम्न वाजा, माननीय राज्यपाल के अग्र सचिव अशोक शर्मा, श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय, वेरावल के कुलपति सुकांत कुमार सेनापति, गुजरात साहित्य अकादमी गांधीनगर के अध्यक्ष भाग्येश झा तथा गुजरात राज्य संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष हिमांशु पालीवाल के हाथों महेशभाई को शील्ड देकर सम्मानित किया गया। साथ ही उन्हें प्रमाणपत्र और 21,000 रुपये का नकद पुरस्कार भी प्रदान किया गया।
महेशभाई परमार पिछले 17 वर्षों से पुलिस विभाग में निष्ठापूर्वक सेवा दे रहे हैं। व्यस्त पुलिस सेवा के बीच समय निकालकर उन्होंने लगातार मेहनत और लगन से यह प्रतिष्ठित उपाधि हासिल की है।
उल्लेखनीय है कि उन्होंने UGC NET और G-SET जैसी कठिन परीक्षाएं भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की हैं और वर्तमान में वे डॉ. दिलीपसिंह चौहान के मार्गदर्शन में पीएच.डी. का अध्ययन कर रहे हैं।
ऐसी सर्वांगीण उपलब्धि के लिए आनंद जिला तथा गुजरात पुलिस का गौरव बढ़ाने वाले महेशभाई परमार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
रिपोर्टर – दुर्गेश पटेल


