पूर्णिमा के निमित्त श्री कष्टभंजनदेव हनुमानजी का विशेष शृंगार
सुप्रसिद्ध तीर्थधाम सालंगपुरधाम स्थित श्री कष्टभंजनदेव हनुमानजी मंदिर में, शास्त्री स्वामी हरिप्रकाशदासजी (अठाणावाला) की प्रेरणा से दिनांक 04-12-2025, गुरुवार को पूर्णिमा के अवसर पर भगवान का विशेष शृंगार किया गया।
इस अवसर पर श्री हनुमानजी को फूलों की डिज़ाइन वाले वृंदावन में तैयार वागा, ऑर्किड तथा शेवंती (गेंदा) के फूलों से अद्भुत शृंगार किया गया। भगवान को रीयल डायमंड जड़ित मयूराकार चाँदी का मुकुट धारण कराया गया। साथ ही 200 किलो तिल की सानी (कचरियूँ) अर्पित की गई तथा इलायची और शेवंती के फूलों की माला पहनाई गई।
आज प्रातः 5:30 बजे मंगल आरती पुजारी स्वामी द्वारा और 7:00 बजे शृंगार आरती कोठारीश्री विवेकसागरदासजी स्वामी द्वारा सम्पन्न की गई। बड़ी संख्या में हरिभक्तों ने दर्शन एवं महाप्रसाद का लाभ लेकर स्वयं को धन्य अनुभव किया।
आज के शृंगार के बारे में पुजारी स्वामी ने बताया कि श्री कष्टभंजनदेव हनुमानजी के लिए तैयार किए गए इस विशेष वृंदावन वागा को 4 कारीगरों ने 5 दिनों की मेहनत से बनाया है। भगवान को 200 किलो तिल की सानी अर्पित की गई तथा रीयल डायमंड जड़ित मयूराकार चाँदी का मुकुट पहनाया गया। सिंहासन को ऑर्किड और शेवंती के फूलों से सजाया गया, जो विशेष रूप से वडोदरा से मंगाए गए थे। इस पूरे शृंगार में 3 संतों, भक्तों तथा पार्षदों को लगभग 4 घंटे का समय लगा।


